रायपुर. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) से होते हुए छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) प्रदेश की राजधानी रायपुर तक पेगासस स्पाइवेयर से जाजूसी (Pegasus Spyware Case) का जिन्न पहुंच चुका है. सत्ताधारी दल के प्रवक्ता आरपी सिंह ने रमन सरकार के द्वारा साल 2017 में पेगासस के इस्तेमाल का आरोप लगाया है. आरपी सिंह (RP Singh) ने एक राष्ट्रीय अखबार में छपे रिपोर्ट के आधार पर कहा कि इजराइल की कंपनी ने छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अधिकारी के सामने पेगासस का प्रजेंटेशन दिया था. मगर 60 करोड़ की डील की वजह से रमन सरकार उस वक्त पीछे हट गई थी.

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इसलिए इस पूरे मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) को आगे आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह सच हैं कि नहीं.

वहीं कहा कि जिस पार्टी के खून में जासूसी भरी हो वह भला ऐसा काम कैसे नहीं करेगी.

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बीजेपी ने किया पलटवार

छत्तीसगढ़ भाजपा में इन दिनों भीतर खाने जबरदस्त बवाल मचा हुआ है. मामला 2023 में बिना चेहरे के चुनाव तक पहुंच चुका है. इसी बीच अगर पूर्ववर्ती रमन सरकार पर पेगासस (Pegasus Software) के इस्तेमाल का बड़ा आरोप लगा हैं तो स्वभाविक हैं कि जवाब तो आएगा. पूरे आरोप पर भाजपा के किसी प्रवक्ता या नेता के द्वारा बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के ही द्वारा जवाब दिया गया. मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर रमन सिंह ने तीखे अंदाज में कहा कि कांग्रेस को चार साल बाद होश आ रहा है क्या कि उनका फोन टेप होता था. साथ ही कहा कि ये पार्टी सोनिया गांधी के इशारे पर चलने वाली है. सोनिया गांधी ने जो कह दिया उसे फॉलो करना इनका काम है. साथ ही कहा कि अखबार पढ़कर कांग्रेस आरोप लगाते रही है और उसी क्रम में आरोप शामिल है.

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आरोप, प्रत्यारोप, सवाल और तमाम जवाबों के बीच अहम सवाल यह कि आखिराकर जनता द्वारा चुनी गई सरकार को जासूसी करने की क्या जरूरत. खैर यहां सवाल कि पेगासस के छत्तीसगढ़ कनेशन को और कितना बल मिलेगा और आने वाले समय में क्या-क्या होगा.

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